खगड़िया दौरे पर चिराग पासवान: पुल हादसे, हत्या और प्रवासी मुद्दों पर सख्त रुख

खगड़िया दौरे पर चिराग पासवान: पुल हादसे, हत्या और प्रवासी मुद्दों पर सख्त रुख

Chirag Paswan on Khagaria tour: Tough stand on bridge accident

Chirag Paswan on Khagaria tour: Tough stand on bridge accident

परबत्ता (खगड़िया)। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान मंगलवार को खगड़िया पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हाल ही में हुए विक्रमशिला पुल हादसे और दिल्ली में बिहारी युवक की हत्या पर अपनी बात रखी।

इस दौरान लोजपा(रा) सुप्रीमो ने कहा है कि भ्रष्टाचार व लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर उन्होंने निर्माणाधीन अगुवानी-सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) पुल का भी उल्लेख किया।

मालूम हो कि चिराग पासवान परबत्ता विधायक बाबूलाल सौर्य की दादी मां के श्रद्धांजलि सभा में सियादतपुर अगुवानी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग गांव पहुंचे थे। श्रद्धांजलि सभा के बाद उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब में उक्त बातें कहीं। इस मौके खगड़िया सांसद राजेश वर्मा भी मौजूद थे।

प्रवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग 

बीते दिनों खगड़िया के एक युवक पांडव कुमार की हत्या दिल्ली में बिहारी कहकर कर दी गई। हत्या का आरोप दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल पर लगा है।

चिराग पासवान ने उक्त हत्याकांड को निर्मम और निंदनीय बताते हुए कहा कि, केंद्र में प्रवासियों के लिए प्रवासी मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं पर भी चिंता जताते हुए कहा कि जल्द ही सीएम से मिलकर मंत्रालय की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर जारी करवाने की मांग रखूंगा।

जिससे देश-विदेश में रह रहे बिहारियों को आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके। किसी भी विषम परिस्थिति में अब श्रमिक खुद को अकेला महसूस नहीं करेंगे।

बंगाल की जीत पर भी बोले

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पश्चिम बंगाल के चुनाव की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का करिश्मा करार दिया। बोले, इस ऐतिहासिक जीत ने 2029 के आम चुनाव की रूपरेखा तैयार कर दी है।

उन्होंन कहा, यह जीत देश के गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और एनडीए की एकता की भी देन है। जनता अब विकास को प्राथमिकता दे रही है और भ्रष्टाचार व हिंसा को सिरे से नकार रही है। इस मौके पर दिवंगत चंद्रकला देवी के पुत्र ॐ तत्सत महाराज, डॉ. कृष्ण कुमार और डॉ. अखिलेश कुमार भी मौजूद रहे।